धनबाद। दुर्गा पूजा और छठ जैसे बड़े त्योहारों को लेकर बिजली विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। धनबाद अंचल में कुल 3 लाख 32 हजार उपभोक्ता हैं और सभी को बिना बाधा के गुणवत्तापूर्ण बिजली मिले, इसके लिए विभाग ने विशेष तैयारी शुरू कर दी है। इस मौके पर विद्युत आपूर्ति अंचल के विद्युत अधीक्षण अभियंता संजय बेसरा ने बताया कि जहाँ भी भीड़-भाड़ वाले इलाके हैं और जहाँ अभी भी नंगे तार लगे हुए हैं, वहाँ प्राथमिकता के आधार पर उसे ढके हुए तार (कवर्ड कंडक्टर) से बदला जा रहा है। चारों प्रमंडलों के कनीय अभियंताओं को निर्देश दिया गया है कि वे पूजा समितियों के अध्यक्ष और सचिव से मिलकर स्थल निरीक्षण करें ताकि सुरक्षा के साथ बिजली की आपूर्ति हो सके। उन्होंने बताया कि धनबाद में ट्रांसफार्मर जलने की समस्या काफी अधिक है। पिछले एक महीने में लगभग 150 ट्रांसफार्मर बदले गए हैं। वर्तमान में धनबाद अंचल में एक ही ट्रांसफार्मर मरम्मत कार्यशाला है, जहाँ प्रतिदिन 6 से 7 ट्रांसफार्मर ही बन पाते हैं, जबकि जलने की संख्या 12 तक पहुँच जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए मुख्यालय को अतिरिक्त कार्यशाला के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जिला प्रशासन के सहयोग से जमीन चिन्हित की जा रही है और राशि मिलते ही एक साल के अंदर दूसरी कार्यशाला तैयार हो जाएगी। इसके बाद 24 घंटे के अंदर जला हुआ ट्रांसफार्मर बदलने का लक्ष्य पूरा हो सकेगा। सिंदरी और निरसा क्षेत्र में नया ग्रिड बन रहा है जो डेढ़ से दो साल में पूरा हो जाएगा, इसके बाद धनबाद की बिजली व्यवस्था और मजबूत होगी।
बिजली बिल को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायत पर उन्होंने कहा कि पहले बिल समय पर नहीं बन पाते थे, लेकिन अब बाहरी एजेंसी के माध्यम से 90 से 91 प्रतिशत बिल घर-घर जाकर बनाए जा रहे हैं। लगभग 1 लाख 67 हजार स्मार्ट मीटर और 1 लाख 96 हजार ऊर्जा मीटर से खपत की गणना ली जा रही है। बिल का भुगतान मोबाइल, नेट बैंकिंग, आरटीजीएस और संग्रह केंद्र से किया जा सकता है।
