धनबाद। धनबाद की वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवयित्री अनिता निःशब्द की तीन पुस्तकों का लोकार्पण आगामी 27 सितंबर 2026, रविवार को हिंदी साहित्य विकास परिषद ट्रस्ट के मंच पर आयोजित विशेष साहित्यिक एवं हास्य कवि सम्मेलन में किया जाएगा।
इस अवसर पर अनिता निःशब्द की तीन कृतियां “कविता की वंशी”, “नारी कीर्चे वजूद” एवं “अंतर्मन” का लोकार्पण देश के चर्चित हास्य कवि संपत सरल, सरदार मनजीत सिंह एवं अमित शुक्ला के कर-कमलों से किया जाएगा। अनिता निःशब्द ने कोलकाता विश्वविद्यालय से 1975 में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। विवाह के बाद वे धनबाद आ गईं और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच भी साहित्य के प्रति अपनी रुचि को बनाए रखा। वे दो बेटियों की मां हैं और अपनी बेटियों को ही अपने जीवन की प्रेरणा मानती हैं। उन्होंने हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी एवं बांग्ला में भी कविताएं लिखी हैं। विवाह के लगभग पचास वर्ष बाद उनका रुझान कविता लेखन के प्रति पुनः प्रबल हुआ और उन्होंने अपने जीवनानुभवों को शब्द देना शुरू किया। उनकी रचनाओं में नारी चेतना, नारी अस्तित्व, सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और मानवीय संवेदना प्रमुख विषय रहे हैं। उन्होंने भ्रूण हत्या जैसे गंभीर विषय पर “मां मुझे जीने दो” जैसा स्लोगन लिखकर सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया है। बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने के लिए उन्होंने गीत और जिंगल भी लिखे हैं।
उनकी पुस्तक “नारी कीर्चे वजूद” नारी के अस्तित्व, शक्ति और पहचान को स्वर देती है। “अंतर्मन” में नारी के भीतर छिपी भावनाओं और प्रतिभा की अभिव्यक्ति है, वहीं “कविता की वंशी” उनकी काव्य-संवेदना का परिचायक है। आयोजकों ने बताया कि 27 सितंबर को होने वाला यह लोकार्पण समारोह धनबाद के साहित्यप्रेमियों के लिए एक विशेष अवसर होगा, जहां हास्य और साहित्य का संगम देखने को मिलेगा।
