धनबाद। वर्ल्ड हार्ट डे के अवसर पर मेडिक हॉस्पिटल के कंसल्टेंट फिजिशियन और फिजिकल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एनके मोदी ने हृदय रोगों को लेकर लोगों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि कोरोना के बाद हार्ट अटैक और हार्ट संबंधी बीमारियां काफी बढ़ गई हैं। उम्र का कोई बंधन नहीं रहा, 20-22 साल के युवा भी जिम करते हुए, गाना गाते हुए या डांस करते हुए हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं।
डॉ. मोदी ने कहा कि हर व्यक्ति को एक बार अपना रिस्क असेसमेंट जरूर कराना चाहिए। इससे पता चलेगा कि भविष्य में हार्ट अटैक की कितनी संभावना है। खासकर युवाओं में जिम का क्रेज खतरनाक हो रहा है। ज्यादातर युवा फिट होने के लिए नहीं, बल्कि हिट दिखने के लिए जिम जाते हैं। बॉडी बनाने के चक्कर में जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज, ज्यादा वजन उठाना और बाहरी प्रोटीन सप्लीमेंट लेना दिल के लिए हानिकारक है। उन्होंने सलाह दी कि जिम जाने वाले युवाओं को एक बार ईको स्क्रीनिंग जरूर करा लेनी चाहिए।
फास्ट फूड पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि मैदा से बनी और दोबारा तली हुई चीजें शरीर के लिए बहुत हानिकारक हैं। जहाँ तक हो सके घर का खाना खाएं और बाहर के खाने से बचें।
दिल को स्वस्थ रखने के तीन मंत्र बताते हुए डॉ. मोदी ने कहा – पहला, कभी भी पेट भरकर न खाएं, हमेशा आधा पेट खाली रखें। अगर चार रोटी से पेट भरता है तो दो ही खाएं। दूसरा, रात का खाना कम से कम और हल्का खाएं, हो सके तो अवॉइड करें। तीसरा, बाहर के फूड को बिल्कुल न छुएं। ऐसा करने से ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की दवाएं भी छूट सकती हैं या आधी हो सकती हैं।
उन्होंने बताया कि अनकंट्रोल शुगर शरीर के हर हिस्से को प्रभावित करती है। साइलेंट हार्ट अटैक में कोई लक्षण नहीं दिखता, इसलिए फैमिली हिस्ट्री वाले लोग 40 साल के बाद लिपिड प्रोफाइल, लिपोप्रोटीन-A, होमोसिस्टीन जैसी जांच जरूर कराएं। वैक्सीन से हार्ट अटैक की बात पर उन्होंने कहा कि इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
