धनबाद पुलिस की बड़ी उपलब्धि: मई माह में 28 मामलों में 50 अभियुक्त दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई सजा

धनबाद ! पुलिस को अपराध नियंत्रण और न्यायिक प्रक्रिया में बड़ी सफलता मिली है। माननीय व्यावहार न्यायालय द्वारा मई माह के दौरान कुल 28 मामलों में 50 अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए विभिन्न अवधियों की सजा सुनाई गई। इनमें 3 अभियुक्तों को आजीवन कारावास, 5 अभियुक्तों को 10 वर्ष तक की सजा, 3 अभियुक्तों को 3 वर्ष तक की सजा तथा 39 अभियुक्तों को 2 वर्ष तक की सजा सुनाई गई।
यह सफलता वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के निर्देशन एवं सतत निगरानी का परिणाम मानी जा रही है। धनबाद पुलिस द्वारा किए गए गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, मजबूत वैज्ञानिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों के संकलन तथा गवाहों की प्रभावी प्रस्तुति के आधार पर माननीय न्यायालय ने अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
मई माह में हत्या के तीन मामलों में कुल पांच अभियुक्तों को सजा मिली। इनमें तीन दोषियों को आजीवन कारावास तथा दो अभियुक्तों को 10 वर्ष तक की सजा सुनाई गई। चोरी के तीन मामलों में चार अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया, जिनमें एक आरोपी को 10 वर्ष तक की सजा तथा तीन अभियुक्तों को 2 वर्ष तक की सजा मिली।
साधारण दंगा के दो मामलों में कुल 11 अभियुक्तों को दोषी पाते हुए 2 वर्ष तक के कारावास की सजा सुनाई गई। अपहरण के एक मामले में एक अभियुक्त को 3 वर्ष तक की सजा दी गई। वहीं मारपीट कर गंभीर रूप से घायल करने के तीन मामलों में तीन अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया, जिनमें एक को 10 वर्ष, एक को 3 वर्ष तथा एक अन्य को 2 वर्ष तक की सजा सुनाई गई।
महिला अत्याचार के एक मामले में एक अभियुक्त को 10 वर्ष तक की सजा मिली। छेड़खानी के एक मामले में एक अभियुक्त को 2 वर्ष तक के कारावास की सजा सुनाई गई। ठगी एवं जालसाजी के एक मामले में भी एक अभियुक्त को 2 वर्ष तक की सजा दी गई।
शस्त्र अधिनियम के दो मामलों में दो अभियुक्तों को दोषी करार दिया गया, जिनमें एक को 3 वर्ष तथा दूसरे को 2 वर्ष तक की सजा मिली। मोटर दुर्घटना के एक मामले में एक अभियुक्त को 2 वर्ष तक की सजा सुनाई गई। जुआ अधिनियम के एक मामले में चार अभियुक्तों को 2 वर्ष तक की सजा मिली। इसके अतिरिक्त विविध श्रेणी के नौ मामलों में 16 अभियुक्तों को दोषी पाते हुए 2 वर्ष तक के कारावास की सजा सुनाई गई।
एसएसपी प्रभात कुमार का कहना है कि अपराधियों के विरुद्ध गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, साक्ष्य संकलन और प्रभावी न्यायिक समन्वय की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी ताकि अपराधियों को कानून के अनुसार दंड दिलाया जा सके और आम जनता का न्याय व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत हो।

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