धनबाद। मेडिकल की प्रतियोगी परीक्षा नीट 3 मई को होने जा रही है। लगभग 40 दिन बचे हैं। ऐसे में सभी प्रतियोगियों में एक समान सा डर दिखता है, कि पता नहीं क्या होगा। होगा या नहीं होगा।
अगर आपने पूरे वर्ष तैयारी किया है, आपका सिलेबस कंप्लीट है, तो फिर डरने की जरूरत नहीं बल्कि पूरे आत्मविश्वास के साथ तैयारी को फाइनल टच देने की जरूरत है और अंतिम के इन्हीं दोनों में अगर सही प्लानिंग के साथ, सही दिशा निर्देश में अभ्यर्थी 10 से 12 घंटे की फोकस्ड पढ़ाई कर लें तो फिर एक सीट ही नहीं बल्कि टॉप रैंकर्स बन सकते हैं।
यह कैसे संभव है यह बता रहे हैं गोल इंस्टीट्यूट धनबाद के केंद्र निदेशक संजय आनंद :
1.अब कोई भी नया टॉपिक नहीं वरण पढ़े हुए टॉपिक को ही बार-बार दोहराएं एवं पूरी तरह एनसीईआरटी पर फोकस्ड रहें ।
2. इनॉर्गेनिक, ऑर्गेनिक एवं बायोलॉजी के हर अंडरलाइन पार्ट, फिगर वीद लैबलिंग का तो रिवीजन करें ही साथ ही फिजिक्स एवं फिजिकल केमेस्ट्री के एक्सरसाइज प्रश्नों, सॉल्वड एग्जांपल्स भी सॉल्म करें ।
3.एनसीईआरटी के पॉइंट टू पॉइंडर के साथ ही हर महत्वपूर्ण कि-वर्ड को क्यों और कैसे के अप्रोच के साथ पढ़ें जिससे थियोरेटिकल कॉन्सेप्ट मजबूत होगा और असर्शन रीजन, स्टेटमेंट बेस्ट प्रश्न भी सॉल्व हो पाएगा ।
4.अंतिम समय में इसका ख्याल रखें कि जब भी प्रश्नों को बनाएं एक निश्चित समय-सीमा में बनाएं उसके बाद पेपर एनालिसिस कर कमीयों को डिटेक्ट कर उस पर काम करें।
5.ख्याल रहें कि अच्छे प्रैक्टिशनर ही अच्छे रैंकर या टॉपर होते हैं। इसलिए हर दिन फूल सिलेबस का एक टेस्ट जैसे ऑल इंडिया लेवल टेस्ट, स्पॉट टेस्ट, डेली प्रैक्टिस पेपर 2 से 5 के समय में जरूर दें ताकि इसी पीरियड में होने वाले नीट के लिए माइंडसेट पॉजिटिव रहे ।
6. हर एक टेस्ट सफलता की ओर बढ़ता एक-एक कदम है, हर टेस्ट नीट की परीक्षा की तरह दें, उचित मार्गदर्शन को फॉलो करते रहें ।
7.फिजिक्स एवं फिजिकल केमेस्ट्री के फार्मूला एवं नेम्ड रिएक्शन, रि-कॉल डायरी को समयानुसार दोहराते रहें ।
8. जिस समय में आप ज्यादा इनर्जेटिक महसूस करते हों उस समय में सबसे चैलेंजींग टॉपिक को पढ़ें, मेमोरी बेस्ड पार्ट्स सोने से पहले पढाई करें ।
9. सबसे पहले आसान प्रश्नों को बनाएं और जो लगता है, समय देने पर बन जाएगा, उसे बाद में बचे हुए समय में जब रि-अटेम्प्ट लेंगे तो बढ़े हुए आत्मविश्वास से वैसे ज्यादातर प्रश्न सॉल्व हो जाएगा वरना वो गलत होने का चांस ज्यादा रहता है। मतलब मल्टीपल राउंड में प्रश्नों को सॉल्व करें ।
10 . तुक्का नहीं मारें, गेशिंग से बचें, 10 से ज्यादा नेगेटिव मार्किंग ना हो तो ही बेहतर है। 11. टेस्ट में मार्कुस कभी घटे या बढे, तनाव नहीं लें और ना ही ओवर कॉन्फिडेंश हों। समभाव से शांत और सहज रहते हुए तैयारी को अंजाम दें। पढाई की एकाग्रता और कंसिस्टेंसी बनाए रखें । 12. अपने पढ़ाई का 80 से 90 प्रतिशत समय वैसे टॉपिक पर दें जहां से प्रश्न ज्यादा पूछे जाते हैं।
13. भारत जैसी बड़ी जनसंख्या वाले देश में आप 98 प्रतिशत छात्रों को पीछे कर दो प्रतिशत से भी कम में आकर सिलेक्ट क्यों जाएँ, आप दूसरों से अलग क्या कर रहे हैं यह जवाबदेही और जिम्मेवारी को भी समझें ।
14.हर तरह के नेगेटिवी, नेगेटिव फ्रेंडशिप या मोबाइल के मिस यूज से हर हाल में बचें। सोशल मीडिया से दूर रहें। पेरेंट्स भी बच्चे पर थर्ड आई रखें ।
15. हर आज के डाउट्स को आज ही टेक्स्ट बुक, टीचर्स नोट्स, डिस्कशन या फिर टीचर से क्लियर करते चलें ।
16. नंबर ऑफ एटेम्प्ट कैसे बढ़ाएं, नेगेटिव मार्किंग से कैसे बचें, नॉलेज को मार्केस में कैसे कन्वर्ट करें, स्पीड के साथ एक्यूरेसी कैसे बढ़ाएं ऐसे तमाम उलझनों में टाइम टू टाइम एक्सपर्ट सलाह लेते रहें।
17. अब तक बनाए गए सभी मिस्टेक्स कमिटेड प्रश्नों को दोबारा रिसॉल्व करें ।



